किसान ने घर की छत पर उगाए अंगूर, कमाने लगा सालाना 5 लाख, विदेश से सीखा आधुनिक खेती

हम काफी पहले से देखते आ रहे हैं कि भारत में किसानों की हालत काफी ज्यादा बुरी है लेकिन महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले एक किसान ने ऐसा काम करके दिखाया जिससे बाकी किसानों को भी प्रेरणा मिल सकती है और किसानों का नुकसान होने से बच सकता है।

महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले एक किसान ने विदेश जाकर आधुनिक खेती के तरीके सीखे और उन तरीकों को अपनाकर उसने अपने घर की छत पर अंगूर की खेती करना शुरू कर दी। जिसके बाद उस किसान की पूरी परिस्थिति ही बदल गई और आधुनिक खेती के इस नए तरीके से उसे काफी अच्छा मुनाफा भी मिलने लगा जिसके बाद अब उस किसान की यह कहानी सभी को अच्छी लग रही है।

किसान ने घर की छत पर उगाए अंगूर, कमाने लगा सालाना 5 लाख, विदेश से सीखा आधुनिक खेती
किसान ने घर की छत पर उगाए अंगूर, कमाने लगा सालाना 5 लाख, विदेश से सीखा आधुनिक खेती

कौन है वह किसान

पुणे सोलापुर हाइवे के पास स्थिति उरलीकांचन गाँव के रहने वाले भाउराव कांचन की उम्र 58 वर्ष है और वे काफी पहले से पारंपरिक खेती करते आ रहे हैं। बता दे की भावनाओं का इंजन के पास केवल 3 एकड़ खेती थी जिसमें वे पारंपरिक रूप से फसलें उगाते थे। लेकिन उन्हें उस खेती से ज्यादा मुनाफा नहीं हो पाता था। ऐसे में भाऊराव कुछ नया करना चाहते थे।

काफी सोच विचार करने के बाद उन्हें पता चला कि भारत सरकार के द्वारा कुछ चयनित किसानों को विदेश भेजकर उन्हें आधुनिक खेती के तरीके सिखाने का अभियान चलाया जाता है। इस बात की जानकारी निकालने पर उन्होंने भी विदेश जाकर आधुनिक खेती करने के तरीके सीखने पर विचार किया है।

किसान ने घर की छत पर उगाए अंगूर, कमाने लगा सालाना 5 लाख, विदेश से सीखा आधुनिक खेती
किसान ने घर की छत पर उगाए अंगूर, कमाने लगा सालाना 5 लाख, विदेश से सीखा आधुनिक खेती

भारत सरकार की मदद से पहुंचे विदेश

भाउराव ने भारत सरकार के कृषि विभाग से संपर्क करके उन्हें अपने बारे में पूरी जानकारी दी और विदेश जाकर आधुनिक खेती सीखने की इच्छा जताई। बता दें कि भारत सरकार हर 5 साल में कुछ चयनित किसानों को जर्मनी स्विट्जरलैंड और यूरोप के अन्य देशों की सैर करवा कर वहां पर हो रहे आधुनिक खेती के तरीके सिखाने का अभियान चलाती है। इसी योजना के तहत एक किसान को लगभग डेढ़ लाख रुपए खर्च आता है।

जिसमें से आधा पैसा यानी ₹75000 भारत सरकार की ओर से दिए जाते हैं। बची हुई रकम किसान को खुद की जेब से डालनी पड़ती। इस टूर के लिए अपना नाम दर्ज करवाया और कुल 48 किसानों का जत्था जिसमें भाउराव भी शामिल थे विदेश चला गया।

किसान ने घर की छत पर उगाए अंगूर, कमाने लगा सालाना 5 लाख, विदेश से सीखा आधुनिक खेती
किसान ने घर की छत पर उगाए अंगूर, कमाने लगा सालाना 5 लाख, विदेश से सीखा आधुनिक खेती

विदेश से लौटकर शुरू की खेती

भाऊसाहेब ने विदेश से वापस लौट कर विदेश में सीखेगा आधुनिक खेती के तरीके को अपने घर पर आजमाने का प्रयास किया। इसके लिए सबसे पहले उन्होंने अपने घर के आंगन में दो प्रजाति के अंगूर की फसलें लगाई। इन फसलों को उन्होंने जैविक तरीके से उगाने की कोशिश की जिसके लिए उन्होंने गाय के गोबर से बनी हुई खाद का इस्तेमाल किया।

धीरे-धीरे अंगूर की यह बेल बढ़ती चली गई और इतनी बड़ी हो गई की भावनाओं के तीन मंजिला घर की ऊंचाई को भी पार कर गई। इसके बाद भाव राव ने अपने घर की छत पर लोहे के सरियों से एक मंडप बनाया और उसके ऊपर यह अंगूर की बेल छोड़ दी। लोहे के सरियों का मंडप बनाने के लिए भाऊसाहेब को कुल ₹6000 खर्च आया था।

कमाने लगे सालाना 5 लाख

भाऊसाहेब अपने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में जी-जान से जुट गए। पहले साल उन्हें अपनी इस फसल से अंगूर के 108 बच्चे प्राप्त हुए। उसके दूसरे साल अपनी इस फसल से अंगूर के ₹300 प्राप्त हुए और तीसरे साल अंगूर के 525 गुच्छे प्राप्त हुए। इसी प्रकार भाऊराव अपने इस प्रोजेक्ट में सफल हो गए और अब वे अंगूर भेजकर सालाना 5 लाख रुपए की कमाई कर लेते हैं।

अंगूर को भंवरा मार्केट में भी बेचते हैं और अंगूर से जूस भी बनाते हैं। ग्रुप बनाने के बाद अंगूर का जो छिलका बच जाता है उसे फ्लेवर्ड बिस्किट बनाने की फैक्ट्री में बेच दिया जाता है। इस प्रकार से भाऊसाहेब अपने इस प्रोजेक्ट में सफल हो गए।

About the Author: Rani Patil

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published.