जानिए कौन है पद्मश्री विजेता ट्रांस’जेंडर मंजम्मा जोगाती, अनोखे तरीके से किया राष्ट्रपति का अभिवादन

देश में एक समय ऐसा भी था जब पद्म पुरस्कारों के लिए ऐसे लोगों का चयन किया जाता था जो फाइव स्टार कल्चर जीते थे। परंतु अब समय बदल चुका है। अब देश में पद्म पुरस्कारों के लिए ऐसे नामों का चयन किया जाता है जो सचमुच में पद्म पुरस्कार प्रदान करने के लिए उचित व्यक्तिमत्व है।

आज के समय देश में ऐसे लोगों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने समाज जीवन में रहते हुए जमीनी स्तर पर काफी अच्छा सामाजिक योगदान दिया। इतना ही नहीं साल 2021 में पद्म पुरस्कार के लिए चयनित नामों में एक ट्रांस’जेंडर व्यक्ति भी शामिल थे।

जानिए कौन है पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगाती, अनोखे तरीके से किया राष्ट्रपति का अभिवादन
जानिए कौन है पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगाती, अनोखे तरीके से किया राष्ट्रपति का अभिवादन

जी हां दोस्तों इस वर्ष एक ट्रांस’जेंडर व्यक्ति को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस व्यक्ति का नाम मंजम्मा जोगाती है। मंजम्मा जोगाती की जीवनी सुनकर सचमुच व्यक्ति के शरीर पर कांटे आ जाएंगे उनके ऐसा संघर्ष में ही जीवन व्यतीत करना और उसे संघर्ष में से अपने आप को बाहर निकालते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करना किसी सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं है।

परंतु पद्मा पुरस्कार भी सामान्य व्यक्तियों को नहीं दिए जाते बल्कि सामान्य दिखने वाले व्यक्तियों के द्वारा और सामान्य कार्य करने वाले व्यक्तियों को ही पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है और मंजम्मा जोगाती इसका एक उत्तम उदाहरण है।

जानिए कौन है पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगाती, अनोखे तरीके से किया राष्ट्रपति का अभिवादन
जानिए कौन है पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगाती, अनोखे तरीके से किया राष्ट्रपति का अभिवादन

कर्नाटक के बल्लारी में जन्मी मंजम्मा जोगाती का नाम मंजूनाथ शेट्टी था। एक बहुत ही सामान्य परिवार में जन्मे थे। उन्होंने अपने गांव की स्थानीय स्कूल से दसवीं तक शिक्षा प्राप्त की। जब वे 15 वर्ष की आयु में प्रवेश कर गए तब उन्हें अपने शरीर में कुछ अलग ही परिवर्तन दिखाई देने लगा।

उन्हें यह अनुभूति हो रही थी कि उनके शरीर में स्त्री के गुण आने लगे हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने अपने माता-पिता को भी तो उनके माता-पिता ने वहां के एक प्रसिद्ध मंजूनाथ के लिए जोगप्पा अनुष्ठान करवाया। बताया जाता है कि यह अनुष्ठान करने के बाद भक्तों की भगवान से शादी करा दी जाती है।

जानिए कौन है पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगाती, अनोखे तरीके से किया राष्ट्रपति का अभिवादन
जानिए कौन है पद्मश्री विजेता ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगाती, अनोखे तरीके से किया राष्ट्रपति का अभिवादन

यह अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद मंजूनाथ कभी घर नहीं गए और वह मंजम्मा जोगाती बन गए। उन्होंने तब से साड़ी पहनना शुरू कर दीया और पेट पालने के लिए वे रास्तों पर भीख मांगने लगे। यह उनके जीवन का बहुत ही अधिक संघर्ष से भरा हुआ समय था आपने बिना इस दौरान और का शारीरिक शोषण भी किया गया।

एक समय उनके जीवन में ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि वह आत्महत्या कर ले, परंतु संयोग से उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ आया जहां से उनकी पूरी जिंदगी ही बदल गई उन्हें गिरा उनकी मुलाकात एक पिता और बेटे से हुई जो कि उस समय जोगप्पा नृत्य सिखाने का काम करते थे। मंजम्मा जोगाती ने कल्लवा जोगाती नाम के व्यक्ति से जोगप्पा नृत्य सीखा और उसी में अपने जीवन को आगे बढ़ाने की शुरुआत की।  

कालांतर से कुछ समय बाद कल्लवा जोगाती  का स्वर्गवास हो गया जिसके बाद जोगप्पा नृत्य अकादमी की प्रमुख मंजम्मा जोगाती बना दी गई। मंजम्मा जोगाती कर्नाटक जनपद अकादमी की पहली ट्रांस’जेंडर महिला प्रमुख थी। क्षेत्र में उनके द्वारा दिए गए अमूल्य योगदान को देखते हुए भारत सर’कार ने उनका नाम पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया।

जब मंजम्मा जोगाती पद्मश्री पुरस्कार लेने के लिए राष्ट्रपति के सामने पहुंची तो उन्होंने राष्ट्रपति को अभिवादन करने के लिए और आशीर्वाद देने के लिए बहुत ही अनोखे और पारंपरिक तरीके का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पल्लू से राष्ट्रपति जी की नजर उतारी। इस दृश्य को देखते हुए पूरे राष्ट्रपति भवन में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

About the Author: Rani Patil

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