सुल्तान भैसे की हुई हार्ट अटैक से मौत, 21 करो’ड़ लगाई गई थी की’मत, सुल्तान की मौत से काफी लोग दुखी

अक्सर आपने लोगों को किसी बड़ी हस्ती या किसी फिल्म के सुपरस्टार की मौत पर दुख मनाते हुए देखा होगा परंतु क्या आपने कभी किसी भैंसे की मौत पर लोगों को दुखी होते हुए देखा है? जी हां दोस्तों सुनने में यह बात बड़ी अजीब लग रही होगी परंतु ऐसा प्रत्यक्ष रूप में हुआ है।

सुल्तान भैसे की हुई हार्ट अटैक से मौत, 21 करोड़ लगाई गई थी कीमत, सुल्तान की मौत से काफी लोग दुखी
सुल्तान भैसे की हुई हार्ट अटैक से मौत, 21 करोड़ लगाई गई थी कीमत, सुल्तान की मौत से काफी लोग दुखी

हरियाणा के एक भैसे की मौत पर उसके मालिक सहित सारे पशुपालक काफी दुखी हुए क्योंकि वह भैसा कोई सामान्य भैसा नहीं था। उस भाई स के अंदर की जो भी क्वालिटीज थी वह सामान्य भैसों में नहीं पाई जाती। वह भैंसा मुर्रा नस्ल का था और पूर्ण तथा शुद्ध मुर्रा प्रजाति का था।

 

हरियाणा के कैथल के बूढ़ागांव के रहने वाले नरेश भाई एक छोटे कठड़े को पाला था। नरेश भाई अपने भैंसे की देखभाल और उसका पालन पोषण अपने बेटे की तरह करते थे। नरेश भाई ने उस पैसे का नाम सुल्तान रखा था। सुल्तान एक असामान्य भैंसा था। मुर्रा नस्ल का भैंसा कद काठी में भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के सभी देशों के भैसो से ऊंचा था। इस भैसे ने नरेश भाई को कई पशु मेलों में पुरस्कार जितवा कर दिए।

सुल्तान भैसे की हुई हार्ट अटैक से मौत, 21 करोड़ लगाई गई थी कीमत, सुल्तान की मौत से काफी लोग दुखी
सुल्तान भैसे की हुई हार्ट अटैक से मौत, 21 करोड़ लगाई गई थी कीमत, सुल्तान की मौत से काफी लोग दुखी

इतना ही नहीं इस भैंसे का सीमन इतना अधिक उपयुक्त था कि इस भैसे के सीमन से ही नरेश भाई ला’खों रुप’ए कमा लेते थे।

 

दरअसल हरियाणा ही नहीं बल्कि देश में सरकारों के द्वारा पशुपालकों के पशुओं के लिए नस्ल सुधार अभियान चलाया जाता है जिससे अच्छी नस्ल की जानवर पैदा हो और वह किसान को अधिक से अधिक मुना’फा कमा कर दें। नस्ल सुधार के लिए उत्तम दर्जे के भैंसे के सीम’न का प्रयोग किया जाता है। सुल्तान एक बहुत ही शुद्ध नस्ल का मुर्रा प्रजाति का भैंसा था जिसके कारण उसके सीमन की डि’मांड पूरे देश के पशुपालक करते थे।

हाल ही में सुल्तान झोटे की हार्ट अटै’क आने से मौत हो गई। सुल्तान की मौत से उसके मालिक नरेश भाई काफी दुखी हैं और वह अपने घर में खाली खूंटा देखकर और भी अधिक भावुक हो जाते हैं।

सुल्तान वैसे ने हरियाणा समेत देश के अन्य हिस्सों में होने वाली कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर जीत दर्ज करवाई थी। साल 2013 में हुए झज्जर, करनाल और हिसार की पशु सौंदर्य प्रतियोगिता में भी सुल्तान का पहला क्रमांक आया था। राजस्थान के एक मेले में पुष्कर से आए हुए एक व्यापारी ने नरेश भाई से सुल्तान की कीमत ₹’21 करो’ड़ लगाई थी। परंतु नरेश भाई ने सुल्तान को बेचने से मना कर दिया था।

नरेश भाई का कहना था कि सुल्तान की वजह से ही उन्हें पूरे भारत में पहचान मिली है और सुल्तान को उन्होंने अपने बेटे की तरह पाल पोस कर बड़ा किया है इसलिए वह सुल्तान को कभी नहीं बेचेंगे। हालांकि अब नरेश भाई ने एक दूसरा झोटा पाल लिया है, परंतु नरेश भाई का कहना है कि दुनिया का कोई भी झोटा सुल्तान की बराबरी नहीं कर सकता।

About the Author: Rani Patil

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