6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौ’त, बेटे ने अपना ली’वर देकर बचा ली पिता की जा’न

हाल ही में पिता पुत्र के प्रेम की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। जानकारी के मुताबिक एक बेटे ने अपने पिता को अपने ली’वर का 65 फ़ीसदी हिस्सा डोने’ट करके उनकी जान बचा ली। डॉक्टर ने कहा था कि उसके पिता के पास केवल 6 महीनों का ही समय है।

6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौत, बेटे ने अपना लीवर देकर बचा ली पिता की जान
6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौत, बेटे ने अपना लीवर देकर बचा ली पिता की जान

6 महीने बाद शायद उनकी जान चली जाती परंतु जैसे ही बेटे को यह बात पता चली तो बेटे ने ऐसा कदम उठाया कि जिसे देखकर हर कोई उस बेटे के मन में अपने पिता के प्रति दिखाई देने वाले अटूट प्रेम को लेकर उसकी प्रशंसा करने लगा। यह घट*ना काफी भावु’क कर देने वाली है और जो कोई भी इसे सुन रहा है वह पिता पुत्र के प्रेम की इस अनोखी दास्तान को सुनकर काफी भा*वुक हो रहा है।

एक न्यूज़ चैन’ल को दिए हुए इंटर’व्यू में उस बेटे ने बताया कि उससे उसके पिता की ऐसी हालत देखी नहीं जा रही थी। उसने कहा कि मेरे पिता ना सिग’रेट पीते हैं और ना ही शरा’ब पीते हैं बावजूद इसके उन्हें इतनी बड़ी बीमा’री से ग्रसि’त होता देख उसे बहुत बुरा लग रहा था। उसके पिता ने भी उससे कहा था कि वह इतने जल्दी मर’ना नहीं चाहते और अपने बेटे को ग्रेजुएशन कंप्लीट करता हुआ देखना चाहते हैं।

6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौत, बेटे ने अपना लीवर देकर बचा ली पिता की जान
6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौत, बेटे ने अपना लीवर देकर बचा ली पिता की जान

उस बेटे ने बताया कि वह समय उनके लिए काफी मुश्किल भरा था। कोरो’ना की दूसरी लह’र भी उसी समय आई थी जिसमें वह स्वयं भी संक्र’मित हो गया था और अस्पता’ल में बैठे बैठे काफी रोता था। उसे इन सारी परिस्थितियों में क्या किया जाए कुछ समझ नहीं आ रहा था।

अंत में जब सारे रास्ते बंद हो गए तब उस बेटे ने यह निर्णय किया कि वह खुद ही अपने पिता को अपना लि’वर डोने’ट करेगा। परंतु उसका ली’वर बहुत फैटी था जिसके कारण डॉक्टर ने उसे सलाह दी कि वह स्वस्थ भोजन करें और रोजाना एक्सरसाइज करें। जिसके बाद टेस्टिं’ग करवाने पर पाया गया कि वह अपने पिता को अपना लि’वर डोने’ट करने के लिए बिल्कुल उचित है।

6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौत, बेटे ने अपना लीवर देकर बचा ली पिता की जान
6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौत, बेटे ने अपना लीवर देकर बचा ली पिता की जान

परंतु उसके पिता ने उसे भावु’क होकर कहा कि मैं तो ठीक हो जाऊंगा लेकिन भविष्य में यदि तुम्हें लीव’र के कारण कोई दिक्कत आ गई तो मैं अपने आप को कभी माफ नहीं कर पाऊंगा। परंतु बेटा अपने पिता की जान बचाने के लिए अपनी बात पर अड़ा रहा।

6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौत, बेटे ने अपना लीवर देकर बचा ली पिता की जान
6 महीने बाद होने वाली थी पिता की मौत, बेटे ने अपना लीवर देकर बचा ली पिता की जान

सर्ज’री होने के 2 दिन पहले ही वह ग्रेजुएट हो गया और उसके पिता ने उससे कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह उसे ग्रेजुएट होता हुआ देख पाएंगे। बेटे ने बताया कि सर्ज’री होने के बाद जब वह होश में आया तो डॉक्टर ने उससे मुस्कुराते हुए कहा कि अब उसके पिता बिल्कुल स्वस्थ है और उसने उसके पिता की जान बचा ली है। यह सुनकर उसे बहुत खुशी हुई।

बेटे ने बताया कि यह उसके पिता के लिए एक नया जीवन है उन दोनों ने साथ में व्हीलचे’यर पर चलना सीखा और अपने आप को सकारात्म’कता से युक्त बनाने के लिए वे दोनों पिता-पुत्र लू’डो खेला करते थे। बेटे ने बताया कि उसका परिवार ही उसके लिए सब कुछ है और वह अपने परिवार के लिए कुछ भी कर सकता है।

About the Author: Rani Patil

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published.