संजीव कपूर बनना चाहते थे आर्किटेक्ट, इस गलती से बन गए दुनिया के बेहतरीन शेफ

भारत के साथ-साथ पूरे विश्व में सभी लोग खाने की शौकीन होते हैं। और वह खाना तब और भी बेहतरीन हो जाता है जब संजीव कपूर की रेसिपी से बनाया गया हो। संजीव कपूर ने अपने जीवन में काफी नाम कमाया है और हर घर की किचन तक अपने रेसिपी को पहुंचाया हैं। टीवी पर खाना बनाने का तरीका देख शायद ही ऐसा कोई घर बचा होगा जहां संजीव कपूर की रेसिपी से खाना ना बनाया गया हो। आपको बता दें कि संजीव कपूर ऐसे ही शेफ नहीं बने दरअसल वह आर्किटेक्ट बनना चाहते थे लेकिन एक गलती की वजह से शेफ बन गए।

संजीव कपूर बनना चाहते थे आर्किटेक्ट, इस गलती से बन गए दुनिया के बेहतरीन शेफ
संजीव कपूर बनना चाहते थे आर्किटेक्ट, इस गलती से बन गए दुनिया के बेहतरीन शेफ

पढ़ाई में थे बचपन से होशियार

संजीव कपूर पंजाब के अंबाला में 1964 में पैदा हुए। उनके पिता एसबीआई बैंक में कर्मचारी थे। बचपन से ही संजीव पढ़ाई में काफी होशियार थे और अपनी क्लास में हमेशा टॉप रहते थे। 9th क्लास में बायोलॉजी लेने के बाद संजीव को एक बार टीचर ने माइक्रोस्कोप का डायग्राम बनाने को कहा फिर इसे देखकर टीचर ने लाल पेन से लेबल इट लिख दिया। संजीव किस बात पर नाराज हुए। इसके बाद 12वीं कक्षा में संजीव ने 80% अंक प्राप्त किए।

बनना चाहते थे आर्किटेक्ट, किस्मत ने बना दिया शेफ
बनना चाहते थे आर्किटेक्ट, किस्मत ने बना दिया शेफ

बनना चाहते थे आर्किटेक्ट, किस्मत ने बना दिया शेफ

संजीव कपूर दिल्ली में आर्किटेक्चर की पढ़ाई करना चाहते थे जिसके लिए पूरे भारत से मात्र 15-20 सीटें ही मिलती हैं। इस परीक्षा में उनका वेटिंग लिस्ट में नाम आया इसके बाद संजीव के एक दोस्त जसमीत सिंह ने होटल मैनेजमेंट का फॉर्म भरा। जिसके बाद संजीव को भी इसके लिए फॉर्म भरने को कहा। एक इंटरव्यू में संजीव ने बताया कि “मैं हमेशा कहता हूं कि मैं गलती से शेफ बन गया था। मैं कुछ अलग करना चाहता था, मैं आर्किटेक्ट बनना चाहता था कैरियर के रूप में खाना पकाना मेरी बचपन की महत्वाकांक्षा नहीं थी। यह बस हुआ और फिर मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और मुझे बेहद खुशी है।”

संजीव कपूर बनना चाहते थे आर्किटेक्ट, इस गलती से बन गए दुनिया के बेहतरीन शेफ
संजीव कपूर बनना चाहते थे आर्किटेक्ट, इस गलती से बन गए दुनिया के बेहतरीन शेफ

दोस्त के कहने पर बन गए शेफ

संजीव कपूर ने होटल मैनेजमेंट का फॉर्म भरा लेकिन इंटरव्यू देने नहीं गए। जिसके बाद उसके दोस्त ने इंटरव्यू देने के लिए कहा तो इंटरव्यू के लिए जाने पर संजीव का सिलेक्शन हो गया। इसके बाद इंस्टिट्यूट में उन्होंने कैटरिंग और न्यूट्रिशन कोर्स में प्रवेश लिया। इस कोर्स में संजीव ने खाना बनाने का तरीका, परोसने का तरीका, कैटरिंग वगैरह सब कुछ सीख लिया था। 1984 में पास आउट होकर संजीव ने काफी बड़े-बड़े होटलों जैसे अशोक आईटीडीसी में काम किया है। आज के समय संजीव के खाने के सभी दीवाने हैं और उनके द्वारा बनाई रेसिपी से ही हर घर में शानदार खाना बन पाता है।

About the Author: Raju RajuL

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